मोटर व्हीकल एक्ट: इन BJP शासित राज्यों ने नहीं माना मोदी सरकार का फैसला, खड़े किए हाथ

मोटर व्हीकल एक्ट: इन BJP शासित राज्यों ने नहीं माना मोदी सरकार का फैसला, खड़े किए हाथ

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट को लागू करने के साथ ही ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की राशि कई गुना बढ़ा दी है. जुर्माने की राशि बढ़ने के बाद से लोगों में रोष है. इसी बीच अब बीजेपी शासित कुछ राज्यों ने ही मोदी सरकार के इस कानून को या तो मानने से इनकार कर दिया है या जुर्माने की रकम घटा दी है.

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार के इस फैसले को मानने से इंकार कर दिया है. यहां दिलचस्प ये भी है कि केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जहां इस कानून को दुर्घटना रोकने के लिए जरूरी बता रहे हैं, वहीं उन्हीं के राज्य में अब यह प्रावधान लागू नहीं होगा.

बीजेपी शासित गुजरात और उत्तराखंड ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की रकम आधी कर दी है. गुजरात में नया नियम 16 सितंबर से लागू होगा. वहीं, खबर है कि कर्नाटक की बीजेपी सरकार भी नए मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों में ढील दे सकती है. इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येद्युरप्पा ने अधिकारियों को गुजरात मॉडल का अध्ययन करने को कहा है. यहां भी कुछ दिनों के अंदर इस कानून में नरमी बरती जा सकती है.

बीजेपी शासित राज्यों के साथ ही जिन राज्यों में कांग्रेस या किसी अन्य दल की सरकार है वहां की सरकारों ने भी नए नियमों में नरमी बरतने के संकेत दिए हैं. इन राज्यों में पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ हैं. पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने नए नियम को अत्यधिक कठोर बताते हुए लागू करने से इंकार कर दिया है.

जुर्माने की रकम अधिक होने के सवाल पर एबीपी न्यूज़ से केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इसे कम करने के बाद अगर एक्सीडेंट में मौतें होती हैं तो इसके जिम्मेदार राज्य होंगे. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”जुर्माना कम करने के बाद अगर सड़क दुर्घटना में किसी की मौत होती है तो इसके जिम्मेदार राज्य सरकार होंगे. दुनिया में सड़क हादसे में सबसे ज़्यादा मौतें भारत में होती हैं.”

परिवहन मंत्री ने कहा, “दवाब में राज्य सरकारें जुर्माना कम न करें. सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश को 2 फीसदी जीडीपी का नुकसान होता है. जुर्माना कम करने या नया कानून लागू नहीं करने के बाद सड़क दुर्घटना में अगर लोगों की मौत होती है तो राज्य सरकार जिम्मेदार होंगे.”

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