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मोदी से ट्रम्प तक: मजबूत नेता की मजबूरियाँ  

  ये एक महज संयोग था या आने वाले भविष्य के तरफ इशारा, 8 नवम्बर की शाम में जब  भारत के प्रधानमंत्री 500/1000 के नोटबंदी की घोषणा कर रहे थे,

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राहुल गाँधी का नाम सुनते ही क्यों आता है स्मृति ईरानी को गुस्सा?

अभी हाल ही में भाजपा की पूर्व कार्यकर्ता की एक किताब “I am a Troll” सामने आयी है जिसमे लेखिका ने खुलासा किया है कि कैसे भाजपा ने ट्विटर और

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मोदी राज में 1 फीसदी लोग 58 फीसदी  दौलत जमा कर रखे है-ये काला  धन नहीं तो  क्या है?

    भारत वर्ष के 57 परिवार देश के 70 फीसदी  दौलत के मालिक है| आज सुबह जब ऑक्सफेम ने ये रिपोर्ट जारी की तो सभी भौचक्के रह गए| एक

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मोदी सरकार से नोटबंदी पर दस सवाल

  नए साल में नयी उम्मीद के साथ हम सब नए जोश से काम शुरू करते है| पुराने साल के गलत सही फैसलों का लेखा जोखा करते है| लेकिन ये

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रिपोर्ट – UPA सरकार ने बनाया था नौकरियों का रिकॉर्ड

वर्ष 2003 – 2004 से 2011 – 2012 तक, जब मनमोहन सिंह सरकार सत्ता में थी वह समय देश की अर्थव्यवस्था के लिए सुनहरा दौर था। आज़ाद भारत ने पहली

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मोदी के नोट बदलने के तुगलकी फरमान के खिलाफ थे रघुराम राजन

जैसे जैसे वक़्त बीत रहा है और नये आर्थिक फ़ैसले आ रहे वैसे वैसे राजनीति के गलियारों में सामने आ रही है रघुराम राजन के छोड़ने की वजह| मोदी सरकार

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क्या Paytm के ज़रिए चीनी कंपनी को फायदा?

लगभग दो दर्जन चीनी कंपनी अलीबाबा के कर्मचारी वर्तमान में नोएडा में Paytm के कार्यालय में डेरा डाले हुए हैं l वह कुछ वरिष्ठ स्थानीयअधिकारियों के साथ मिलकर अलीबाबा के ई-कॉमर्स पोर्टल को भारतीय कंपनी के बाजार में परिवर्तित करने के लिए काम कर रहे l मामले से परिचित दो लोगों ने कहा, चीनी अधिकारी पेटीएम के ई-कॉमर्स साइट के साथ अलीबाबा कंपनी के डिजिटल मंच को मिलाने का कामकर रहें हैं l एक अधिकारी का यह भी कहना था कि चीनी कंपनी अलीबाबा और उसकी सहयोगी कंपनी का Paytm कंपनी में 40% की हिस्सेदारीहै l हालाँकि Paytm ने ऐसे किसी भी गठबंधन की संभावना से इनकार किया है और यह बयान दिया है कि दोनो कंपनिया एक दूसरे के दफ़्तर मेंअक्सर जाया करती हैं ताकि एक दूसरे का सुझाव मिल सके l यह मामला इसीलिए भी गंभीर हो जाता है क्योंकि इस साप्ताह नोट बंद करने के सरकार के फ़ैसले से Paytm कंपनी को काफ़ी फायदा हुआ है l पैसा जेब में ना होने के कारण काफ़ी लोगों ने Paytm के द्वारा दी गई कॅशलेस भुक्तांन करने की सुविधा का इस्तेमाल किया है l Paytm कंपनी नेतुरंत इसका फायदा उठाते हुए प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ अख़बार मे एड भी दिया था जिसकी काफ़ी आलोचना भी की गई थी l पर अगर इसकेज़रिए किसी चीनी कंपनी को फायदा पहुचता है ख़ासकर उस समय जब ग़रीब आदमी पूरा दिन बॅंक की लाइन के धक्के खा रहा है तो यह काफ़ीचिंता की बात है l इस खबर में कितनी सच्चाई है यह तो वक्त के साथ सामने आ ही जाएगा पर चीनी कंपनी का Paytm के दफ़्तर में होना कुछ तोइशारा करता ही है l Data source- Times of India, 3 November 2016  

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क्या फिर ग़रीब को ही मारा सरकार ने? अमीर खुश और ग़रीब दहशत में?

निशांत परसो आधी रात को सरकार ने 500- 1000 के नोट पर पाबंदी लगा दी l कल एक प्रतिष्टित अँग्रेज़ी अख़बार उठाया तो यह पाया कि एक बड़ी कंपनी जो

Opinion चुनावी दंगल

राहुल गाँधी की किसान यात्रा और उत्तर प्रदेश का चुनावी दंगल|

  पंजाब और उत्तर प्रदेश के चुनाव जैसे जैसे नज़दीक आ रहे किसान का मुद्दा चर्चा का विषय बनता जा रहा है| गरीब किसानों के लिए ऋण माफी, स्वामीनाथन रिपोर्ट,

Opinion चुनावी दंगल

यू. पी. में 2013 से धीमी आँच पर पकाई जा रही है सांप्रदायिकता की खिचड़ी?

उत्तर प्रदेश में जो आज के दौर में संप्रदायिक घटनाए सामने आती हैं उनका स्वरूप 1992 की घटना से बहुत अलग है l उस समय जो नारा था “एक धक्का